The condition of the biggest government hospital: 12th pass was doing heart examination, sports was going on under the nose of the health department – News Portal

The condition of the biggest government hospital: 12th pass was doing heart examination, sports was going on under the nose of the health department – News Portal

फरीदाबाद जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही थी। बीके अस्पताल में 12वीं पास व्यक्ति मरीजों के दिल की धड़कनों की जांच कर रहा था। शुक्रवार को झज्जर की स्वास्थ विभाग की टीम ने छापा मारकर फर्जीवाड़े का खुलासा किया। घटना के बाद से सरकारी अस्पतालों में इलाज की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दिनेश (51) ने मात्र 12वीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद दिल्ली से कार्डियक टेक्नीशियन का दो साल का डिप्लोमा किया था। साल 2018 में यहां टेक्नीशियन पद पर भर्ती हुआ था। उसके बाद से लगातार सेवाएं दे रहा था, उससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एक दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है है।बादशाह खान अस्पताल (बीके) में पीपीपी मोड पर चल रहे हार्ट सेंटर में शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे झज्जर की स्वास्थ्य विभाग टीम ने छापा मारा। पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र डोगरा और उनकी टीम ने हार्ट सेंटर में ईको जांच कर रहे कार्डियक टेक्नीशियन को मरीजों की ईको जांच करते धर दबोचा। आरोपी जांच के बाद रिपोर्ट पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर भी करता था। टीम ने सूचना के आधार पर जाल बिछाया और दो फर्जी ग्राहक जांच के लिए भेजे। इनमें एक चार माह की गर्भवती भी थी। दिनेश ने दोनों मरीजों की जांच के बाद विशेषज्ञ डॉक्टर के हस्ताक्षर कर दिए। टीम ने पुलिस बुलाकर आरोपी के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

कागजों मे तैनात हैं दो विशेषज्ञ डॉक्टर
टीम ने जब मामले की जांच की तो और भी खुलासे हुए। हार्ट सेंटर में ईको जांच करने के लिए दो विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति की गई है। डॉ. गुंजन गर्ग व डॉ. ओमजीवन ईको जांच करने के लिए पीएनडीटी एक्ट के पंजीकृत हैं। फर्जी ग्राहकों की जांच के दौरान दोनों ही मौके पर मौजूद नहीं थे। प्रावधान के मुताबिक दोनों को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक मरीजों की ईको जांच करनी होती है। मौके पर केवल कागजों में ही इनकी तैनाती मिली, जांच 12वीं पास व्यक्ति कर रहा था। वहीं डॉक्टर ओपीडी में सेवा दे रहे थे।

एक ही मशीन से हो जाती है दिल और गर्भ की जांच
महिला रोग विशेषज्ञ व आईएमए हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पुनीता हसीजा ने बताया एक ही ईको व गर्भ जांच के लिए अलग-अलग मशीन की जरूरत नहीं होती। एक ही मशीन से दोनों जांच की जा सकती हैं। इसमें अलग अलग प्रोब लगे हुए होते हैं। जांच करने वाला डॉक्टर यदि मशीन में फोटो लेता है या किसी जांच को सेव करता है तो मशीन में इसका बाद में भी पता लग जाता है। मशीन को कितनी बार ऑन-ऑफ किया गया यह जानकारी भी मशीन में सुरक्षित होती है।

स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे होता रहा खेल
फरीदाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा स्वास्थ विभाग की नाक के नीचे चलता रहा और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। झज्जर की टीम शिकायत के बाद 15 दिनों से हार्ट सेंटर पर नजर बनाए हुए थी। पूरी तरह से पुख्ता होने के बाद ही टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की गई। एसजीएम नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप धनखड़ का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। डॉक्टरों की मिलीभगत वाले एंगल की भी जांच हो रही है।

Details

Negligence was being done in the biggest government hospital in the Faridabad district. In BK hospital, a 12th-pass person was checking the heartbeats of the patients.

On Friday, the Health Department team of Jhajjar revealed the fraud by raiding. Since the incident, questions are being raised about the credibility of treatment in government hospitals.

READ MORE: Gujarat: Owaisi narrowly escaped, stone pelted on Vande Bharat Express while going to Surat, window panes of train broken – News Portal

Initial interrogation revealed that accused Dinesh (51) had done a two-year diploma as a cardiac technician from Delhi after studying only up to class 12th. In the year 2018, there was recruitment for the post of Technician. Since then he was giving services continuously, and his interrogation is going on. Police arrested the accused and started interrogation by taking him on remand for one day.

Source link

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *